कमरदर्द होने की स्थिति में तली हुए वस्तुएं और चावल का सेवन न करें. पानी को उबालकर ठंडा करके पियें. रात को 60~70 ग्राम गेहूँ को साफ़ करके पानी में भीगा दें और सुबह इन भीगे हुए गेहूँ को 30 ग्राम खसखस और 30 ग्राम सूखी धनियाँ के बीजों के साथ पीस लें. जिससे यह चटनी की भांति हो जाएगी. इसे आधा लीटर दूध में डाल कर उबालें. इस प्रकार बनी खीर का 2 सप्ताह तक नियमित सेवन करने से कमरदर्द में असाधारण लाभ मिलता है. एक जायफल को पानी में घीसकर तिल के तेल में पकाएं. इस तेल से मालिश करने से भी कमरदर्द में लाभ मिलता है. एक चम्मच अदरक के रस का आधे चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार सेवन करें. इससे भी कमरदर्द में आराम मिलेगा.
Saturday, September 6, 2014
कमरदर्द का घरेलु उपचार |
कमरदर्द होने की स्थिति में तली हुए वस्तुएं और चावल का सेवन न करें. पानी को उबालकर ठंडा करके पियें. रात को 60~70 ग्राम गेहूँ को साफ़ करके पानी में भीगा दें और सुबह इन भीगे हुए गेहूँ को 30 ग्राम खसखस और 30 ग्राम सूखी धनियाँ के बीजों के साथ पीस लें. जिससे यह चटनी की भांति हो जाएगी. इसे आधा लीटर दूध में डाल कर उबालें. इस प्रकार बनी खीर का 2 सप्ताह तक नियमित सेवन करने से कमरदर्द में असाधारण लाभ मिलता है. एक जायफल को पानी में घीसकर तिल के तेल में पकाएं. इस तेल से मालिश करने से भी कमरदर्द में लाभ मिलता है. एक चम्मच अदरक के रस का आधे चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार सेवन करें. इससे भी कमरदर्द में आराम मिलेगा.
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